गांधीजी की हत्या, गोलवलकर की गिरफ्तारी और फिर डीआईजी से वो फिल्मी मुलाकात!
गांधीजी की हत्या, गोलवलकर की गिरफ्तारी और फिर डीआईजी से वो फिल्मी मुलाकात! जिस समय गांधीजी की हत्या हुई, तब गुरु गोलवलकर के हाथ में चाय का प्याला था. अचानक उन्हें किसी ने सूचना दी कि बिरला भवन में गांधीजी की गोली मारकर हत्या कर दी है. गोलवलकर ने बिना कोई घूंट लिए चाय का कप नीचे रख दिया और विचारों में खो गए. आजादी मिलने के ठीक तीन महीने बाद नवम्बर 1947 में दिल्ली में मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन हुआ तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर चिंता व्यक्त की गई और संघ की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया. संयुक्त प्रांत के मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत को लिखे पत्र में तो प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने साफ-साफ लिखा कि हम संघ के खिलाफ जल्द ही एक्शन लेंगे. इसी तरह मद्रास के गृहमंत्री पी. सुब्बारायन को संघ पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया. हालांकि उन्हें ये भी लिखा कि, मुस्लिम लीग की बैठकों पर प्रतिबंध की जरूरत नहीं, मुसलमान आज डरे हुए हैं, सो बहुत मुश्किल है कि कोई समस्या खड़ी करें. 29 जनवरी को गांधीजी की हत्या से एक दिन पहले पंडित नेहरू ने माहौल ये कहकर एकदम गरमा दिया था कि, “मैं संघ को भारत की जमीन ...