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अमरकंटक के बारे में जानकारी

🌄 अमरकंटक के बारे में जानकारी अमरकंटक मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित एक पवित्र और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर तीर्थ स्थल है। इसे नर्मदा, सोन और जौहिला नदियों का उद्गम स्थल माना जाता है। यह विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों के संगम पर बसा हुआ है। 🌊 1. नदियों का उद्गम नर्मदा नदी का उद्गम यहीं से होता है। सोन नदी और जोहिला नदी भी अमरकंटक से ही निकलती हैं। नर्मदा को हिंदू धर्म में गंगा के समान पवित्र माना जाता है। 🛕 2. प्रमुख धार्मिक स्थल नर्मदा उद्गम मंदिर – नर्मदा माता का मुख्य मंदिर। कपिल धारा – सुंदर जलप्रपात, जहाँ नर्मदा का जल ऊँचाई से गिरता है। दूध धारा – दूध की धारा जैसा दिखने वाला झरना। कल्याण आश्रम – धार्मिक व आध्यात्मिक केंद्र। 🌳 3. प्राकृतिक सौंदर्य घने जंगल, पहाड़ और शुद्ध वातावरण। पास में मैकल पर्वत क्षेत्र स्थित है। यहाँ औषधीय पौधों की भी बहुतायत है। 🗺️ 4. कैसे पहुँचें? निकटतम रेलवे स्टेशन: पेंड्रा रोड (छत्तीसगढ़) निकटतम बड़ा शहर: जबलपुर / बिलासपुर सड़क मार्ग से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से अच्छी कनेक्टिवि...

पौधों की सही वृद्धि, फूल-फल और अच्छी पैदावार के लिए मुख्य रूप से 17 आवश्यक पोषक तत्व चाहिए।

पौधों की सही वृद्धि, फूल-फल और अच्छी पैदावार के लिए मुख्य रूप से 17 आवश्यक पोषक तत्व चाहिए। इन्हें 3 भागों में बाँटा जाता है: 1️⃣ मुख्य पोषक तत्व (Primary Nutrients) नाइट्रोजन (N) पत्तियों की हरियाली और तेज बढ़वार कमी: पत्तियाँ पीली पड़ना स्रोत: यूरिया, गोबर खाद, डीएपी फॉस्फोरस (P) जड़ मजबूत, फूल-फल बनना कमी: पौधा कमजोर, जड़ कम विकसित स्रोत: डीएपी, सिंगल सुपर फॉस्फेट पोटाश (K) रोग प्रतिरोधक क्षमता, फल की गुणवत्ता कमी: पत्तियों के किनारे जलना स्रोत: म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) 2️⃣ द्वितीयक पोषक तत्व (Secondary Nutrients) कैल्शियम (Ca) – जड़ व तना मजबूत मैग्नीशियम (Mg) – पत्तियों में हरापन (क्लोरोफिल) सल्फर (S) – प्रोटीन निर्माण 3️⃣ सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) जिंक (Zn) आयरन (Fe) मैंगनीज (Mn) कॉपर (Cu) बोरॉन (B) मोलिब्डेनम (Mo) क्लोरीन (Cl) निकेल (Ni) 👉 ये कम मात्रा में चाहिए, पर बहुत जरूरी हैं। 🌱 जैविक विकल्प (Organic Sources) गोबर खाद वर्मी कम्पोस्ट नीम खली जीवामृत हरी खाद ...

एक गिर गाय (देसी नस्ल) पालने पर मासिक चारा व रख-रखाव खर्च

एक गिर गाय (देसी नस्ल) पालने पर मासिक चारा व रख-रखाव खर्च नीचे वास्तविक और व्यवहारिक हिसाब से बता रहा हूँ (मध्यप्रदेश/मण्डला क्षेत्र को ध्यान में रखकर): 🐄 1 गिर गाय का मासिक खर्च (औसत) 🌿 1️⃣ चारा खर्च (मुख्य खर्च) (A) हरा चारा मात्रा: 20–25 किलो/दिन विकल्प: लोबिया / ज्वार / बाजरा / मक्का चारा खर्च: ₹30–40 / दिन मासिक: ₹900–1,200 (B) सूखा चारा (भूसा/पराली) मात्रा: 4–5 किलो/दिन खर्च: ₹15–20 / दिन मासिक: ₹450–600 (C) दाना / पशु आहार मात्रा: 1.5–2 किलो/दिन खर्च: ₹35–45 / दिन मासिक: ₹1,050–1,350 🧂 2️⃣ खनिज व अन्य मिनरल मिक्सचर: ₹150–200 / माह नमक: ₹30–50 / माह 💉 3️⃣ दवा व पशु चिकित्सा टीकाकरण + सामान्य दवा: ₹100–150 / माह (औसत) 💧 4️⃣ पानी, सफाई व देखभाल पानी, नहाना, सफाई, चूना आदि: ₹100–150 / माह 💰 कुल मासिक खर्च (1 गिर गाय) मद खर्च (₹/माह) हरा चारा 900 – 1,200 सूखा चारा 450 – 600 दाना 1,050 – 1,350 मिनरल + नमक 180 – 250 दवा 100 – 150 सफाई/पानी 100 – 150 कुल ₹2,800 – 3,700 🥛 दूध उत्पादन व आय (औसत) दूध: 8–12 ...

आम के बगीचे में फरवरी में क्या लगाएँ (सबसे लाभदायक)

🌳 आम के बगीचे में फरवरी में क्या लगाएँ (सबसे लाभदायक) 🥇 1. मूंग (ग्रीष्मकालीन) – सबसे सुरक्षित ✅ समय: फरवरी अंत – मार्च अवधि: 60–65 दिन फायदा: आम के पेड़ों को नुकसान नहीं मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है (नाइट्रोजन फिक्सिंग) 40 डिसिमिल में अनुमानित उपज: 2.5–3 क्विंटल संभावित शुद्ध लाभ: ₹10,000–15,000 🥈 2. लोबिया (सब्ज़ी या दाल दोनों) गर्मी में अच्छी पैदावार छाया में भी चल जाती है 45–50 दिन में तुड़ाई (सब्ज़ी रूप में) 💰 लाभ: ₹12,000–18,000 🥉 3. भिंडी (यदि धूप ठीक मिले) ⚠️ शर्त: पेड़ों की छाया ज़्यादा न हो लगातार तुड़ाई → रोज़ की आमदनी मण्डला की लोकल मंडी में मांग अच्छी रहती है 💰 लाभ: ₹15,000–25,000 🌿 4. चारा फसल (अगर पशु हैं) लोबिया चारा / ज्वार चारा कम खर्च, निश्चित उपयोग ❌ क्या न लगाएँ (आम के लिए नुकसानदायक) गन्ना आलू प्याज अधिक पानी वाली फसलें 🌱 आम के बगीचे के लिए फरवरी के विशेष सुझाव इस समय आम में बौर (मंजर) रहता है फसल बोते समय जुताई हल्की रखें पानी आम को ध्यान में रखकर दें रासायनिक दवा का...

PRADHAN MANTRI AWAAS YOJANA-GRAMIN प्रत्‍येक व्‍यक्ति देख सकता है गॉव मे स्‍वीकृत आवास की स्थिति‍

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PRADHAN MANTRI AWAAS YOJANA-GRAMIN प्रत्‍येक व्‍यक्ति देख सकता है गॉव मे स्‍वीकृत आवास की स्थिति‍  ग्रामीण विकास मंत्रालय प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण MINISTRY OF RURAL DEVELOPMENT PRADHAN MANTRI AWAAS YOJANA-GRAMIN https://awaassoft.nic.in/netiay/Benificiary.aspx इस link / से किसी भी आवास हितग्राही का details / डिटेल्‍स निकाल सकते है इससे आपको उसके बारे मे पूरी जानकारी मिल जायेगी ।  stakeholders मे क्लिक करना है इसके पश्‍चात आपको नीचे IAY/PMAYG Beneficiary दिखाई देगा इसमे क्लिक करना है ।   इस प्रकार का पेज ओपन होने पर आप अपने आवास का आईडी submit / डालकर पूरी जानकारी ले सकते है ।  उदाहरण के लिये जेसे ये आईडी दर्ज की गई है ओर submit/ सबमिट को ok/ओके करे ।  इस प्रकार का आपको दिखाई देखा आप मोबाईल / लेपटॉप / Computer किसी से भी यह जानकारी निकाल सकते है । 

Class 5

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1-  महत्वपूर्ण सूचना  कल दिनांक 11/7/2025 दिन शुक्रवार को कक्षा पांचवीं के अभिभावकों के लिए एक अतिअनिवार्य मीटिंग रखी गई है। इस मीटिंग में सभी अभिभावकों की 100% उपस्थिति आवश्यक है । कक्षा पांचवीं में पास/फेल से संबंधित पॉलिसी में हुए बदलाव की समस्त जानकारी देने हेतु यह मीटिंग हो रही है इसलिए समय पर उपस्थित होने की कृपा करें। समय 7:30 बजे प्रात: से 8:00 बजे तक  स्थान रिसोर्स रूम  आदेशानुसार प्राचार्य  पी एम श्री के वि मंडला 2- एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान*  सभी छात्र इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं  अपना विवरण और माँ और पौधे/पौधे के साथ फोटोग्राफ अपलोड करें  पौधे का नाम, छात्र का नाम और माता का नाम तथा रोपण की तिथि हार्ड बोर्ड पर चिपकाई गई बच्चे अपनी माँ के साथ अपनी फोटो अपलोड करें शिक्षा मंत्रालय से अपना प्रशंसा प्रमाणपत्र डाउनलोड करें  प्रमाणपत्र अपलोड करना और प्राप्त करना बहुत आसान है  धन्यवाद 🙏🙏 बच्चों, निम्नलिखित लिंक में चित्र अपलोड करने और पुष्टि के लिए मुझे चित्र भेजने के लिए। https://ecoclubs.education.gov.in यूज़ कोड 2342010...

kanci

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# खस एक बारहमासी कम  सिंचित जमीन  पर  उगने वाली  घास है । प्राचीन  काल  में बंजर  भूमि  और   खेतों  की  मेंड़  और  बंधों  मे  लगायी  जाती  थी।  एक बार  लगा  देने  के बाद  सालों साल उगती  रहती  थी। जिसकी अब खेती इत्र में इस्तेमाल होने वाले व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण आवश्यक तेल के उत्पादन के लिए की जाती है। खस में सुगंधित  तेल इसकी जडों  में  होता है।  ऊपर  की  हरी  घास  सूख जाने पर जमीन अंदर  जड़ें  सुरक्षित  रहती  है।  इन्ही  से  आसवन  विधि से  सुगंधित  तेल  निकाला  जाता  है।  खस में ठंडक देने वाले गुण होते हैं और इसका उपयोग गर्मियों के दौरान शर्बत या स्वादिष्ट पेय तैयार करने के लिए किया जाता है। यह जड़ी बूटी ओमेगा फैटी एसिड, विटामिन, प्रोटीन, खनिज और आहार फाइबर का एक अच्छा स्रोत है। आयुर्वेद में ये माना जाता है कि शरीर में पित्त की मात्रा अधिक हो जाने क...