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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा  मनाई गई बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती दिनांक 14 अप्रेल 2025  मंडला। जिले के बस स्टैंड स्थित समर्पण भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मंडला द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करते हुए हुई। इसके पश्चात मंच पर उपस्थित अतिथियों एवं वक्ताओं द्वारा उनके विचारों, सामाजिक योगदान और संविधान निर्माण में निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला गया। मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला मंडला के माननीय जिला संघचालक  श्रीमान हीरानंद चन्द्रवंशी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री शरद मेश्राम, मंडला जिला अस्पताल  में कार्यरत, संभागीय अध्यक्ष स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने की। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में श्री राजेश मंडाले, अजाक्स संघ के जिला अध्यक्ष एवं बुद्धिष्ट सोसाइटी मंडला के अध्यक्ष शामिल हुए। मंच संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्री दीपचंद नंदा, जिला प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मंडला...

केशव अर्चना

स्मरे राष्ट्र सारा भरे प्रेम से जो प्रभावी तुम्हारी तपो-साधना अतिव्याकुला बुद्धि से गान कैसे यशोगान की गौरवालापना ॥धृ॥ कभी वासना थी न लोकेषणा की जगायी कृति-दीप्ति तेजस्वला सहस्रो मनो मे वही जागृता हो उठी हिन्दु स्वातन्त्र्य की प्रज्वला ॥१॥ न हो देव पीडा तुम्हे चिन्तना से सुनोगे हमी से योशोगर्जना बहे नेत्र से भावना नीर धारा मदीया यही अश्रु-पुष्पार्चना ॥२॥

केशव अर्चना

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हमें वीर केशव मिले आप जब से नई साधना की डगर मिल गई है॥ भटकते रहे ध्येय-पथ के बिना हम न सोचा कभी देश क्या धर्म क्या है न जाना कभी पा मनुज-तन जगत में हमारे लिये श्रेष्ठतम कर्म क्या है दिया ज्ञान जबसे मगर आपने है निरंतर प्रगति की डगर मिल गई है ॥१॥ समाया हुआ घोर तम सर्वदिक् था सुपथ है किधर कुछ नहीं सूझता था सभी सुप्त थे घोर तम में अकेला ह्रदय आपका हे तपी जूझता था जलाकर स्वयं को किया मार्ग जगमग हमें प्रेरणा की डगर मिल गई ॥२॥ बहुत थे दुःखी हिन्दु निज देश में ही युगों से सदा घोर अपमान पाया द्रवित हो गये आप यह दृश्य देखा नहीं एक पल को कभी चैन पाया ह्रदय की व्यथा संघ बनकर फुट निकली हमें संगठन की डगर मिल गई है॥३॥

वाल्मीकि जयंती

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*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा चल समारोह का स्वागत* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के *समरसता विभाग* द्वारा आज दिनांक 20 अक्टूबर को महाराजा अजमीढ़ देव जी जयंती पर अग्रसेन चौराहे पर स्वर्णकार समाज के बंधुओं का ।  वाल्मीकि जयंती के अवसर पर वाल्मीकि समाज द्वारा आयोजित चल समारोह का स्वागत पूजन कर सभी को तिलक वंदन लालीपुर तिराहे में, एवं श्री श्री विद्यासागर जी महाराज के जन्मदिवस पर जैन मंदिर पडाव पर पूजन  किया गया है। चल समारोह के इस स्वागत कार्यक्रम में मण्डला नगर में निवासरत संघ के सभी स्वयंसेवक बंधु व सम्मानित सभी जाति के बंधु उपस्थित रहे।

विजया दशमी 15.10.2021 मंडला

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https://www.media-today.in/2021/10/16/भारत-माता-को-परम-वैभव-के-शि/

*ततिव्यूह वामवृत:-*

*ततिव्यूह वामवृत:-*      बायां पैर जमीन पर आते समय आज्ञा मिलेगी । सभी स्वयंसेवक दाहिने पैर आगे बढ़ाकर रुध लेंगे। *1. अग्रेसर का काम*:- १. दाहिने पैर का रुध लेना। २. बायां पैर वामवृत कर बायीं ओर रखना। दाहिना पैर बाएं पैर के आगे रखना। ३. बायां पैर बायीं ओर 75 सें .मी. बाजू में रखना। ४. दाहिना पैर बाएं पैर से मिलाना (दाहिने पैर का बाएं पैर के पास मितकाल) ( *रुध,बायें,आगे,बाजू,मित*) *2. विषम क्रमांक का काम*:- १. दाहिने पैर का रुध लेना। २. बायां पैर वामवृत कर बायीं ओर रखना।  ३.दाहिना पैर बाएं पैर के आगे रखना। ४. बायां पैर दाहिने पैर से मिलाते हुए  दो मितकाल करना। ( *रुध,बायें,आगे ,मित,मित*) *3. सम क्रमांक का काम*:- १. दाहिने पैर का रुध लेना। २. बायां पैर वामवृत कर बायीं ओर रखना। दाहिना पैर बाएं पैर के आगे रखना।  ३. बायां पैर बायीं  ओर 75 सें .मी. बाजू में रखना। ४. दाहिना पैर उठाकर बाएं पैर के आगे रखना। ( *रुध,बायें,आगे,बाजू,आगे*) *4. आगे आने वाले का काम*(अच्छन्न प्रतति में ):- १. दाहिने पैर का रुध लेना। २. बायां पैर वामवृत कर बायीं ओर रखना। दाहिना पैर बाएं ...