*ततिव्यूह वामवृत:-*
*ततिव्यूह वामवृत:-*
बायां पैर जमीन पर आते समय आज्ञा मिलेगी । सभी स्वयंसेवक दाहिने पैर आगे बढ़ाकर रुध लेंगे।
*1. अग्रेसर का काम*:-
१. दाहिने पैर का रुध लेना।
२. बायां पैर वामवृत कर बायीं ओर रखना। दाहिना पैर बाएं पैर के आगे रखना।
३. बायां पैर बायीं ओर 75 सें .मी. बाजू में रखना।
४. दाहिना पैर बाएं पैर से मिलाना (दाहिने पैर का बाएं पैर के पास मितकाल)
( *रुध,बायें,आगे,बाजू,मित*)
*2. विषम क्रमांक का काम*:-
१. दाहिने पैर का रुध लेना।
२. बायां पैर वामवृत कर बायीं ओर रखना।
३.दाहिना पैर बाएं पैर के आगे रखना।
४. बायां पैर दाहिने पैर से मिलाते हुए दो मितकाल करना।
( *रुध,बायें,आगे ,मित,मित*)
*3. सम क्रमांक का काम*:-
१. दाहिने पैर का रुध लेना।
२. बायां पैर वामवृत कर बायीं ओर रखना। दाहिना पैर बाएं पैर के आगे रखना।
३. बायां पैर बायीं ओर 75 सें .मी. बाजू में रखना।
४. दाहिना पैर उठाकर बाएं पैर के आगे रखना।
( *रुध,बायें,आगे,बाजू,आगे*)
*4. आगे आने वाले का काम*(अच्छन्न प्रतति में
):-
१. दाहिने पैर का रुध लेना।
२. बायां पैर वामवृत कर बायीं ओर रखना। दाहिना पैर बाएं पैर के आगे रखना।
३. बायां पैर दाहिने पैर से मिलाना।
४. दाहिना पैर बाएं पैर के आगे रखना।
( *रुध,बायें,आगे,मित,आगे*)
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