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अप्रैल, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आवश्यक जानकारी कोरोना काल मे

*आवश्यक मेसेज* सभी यह information पढ़े और शेयर करें। *शरीर में ब्लड प्रेशर.* *120 / 80 -- Normal *  *130 / 85 -- Normal (Control)* *140 / 90 -- High थोड़ा बढ़ा हुआ*  *150 / 95 -- Very High बहुत ज्यादा* *Oxygen Leval)* *ऑक्सिजन लेव्हल* ऑक्सिजन ऑक्सिमीटर से चेक करने पर.. *94 - Normal * *95, 96, 97 se 100 oxygen level बहुत अच्छा.* *90 ते 93 ऑक्सिजन लेव्हल जरा कम* *80 ते 89 ऑक्सिजन लेव्हल बहुत कम* डॉक्टर की सलाह पर एडमिट होना चाहिए. *PULSE*  *72 Per Minute (Standard) बहुत अच्छा.* *60 --- 80 P.M. (Normal) मध्यम* *90 ते 120 Pulse बढ़ा हुआ*  *TEMPERATURE* डिजिटल थरमामीटर से चेक करने पर . *92 ते 98.6 F (Fever) तक बुखार नही (Normal)* *99.0 F थोडा बुखार* *100 .F से 102 F ज्यादा बुखार* HRCT या chest CT SCAN करने पर. 1. HRCT score: 0 - 8 (Mild Infection).  2.HRCT score: 9 - 18 (Moderate Infection).  3. HRCT score: 19 - 25 गंभीर (Severe Infection) .  👇 उपचार : 1. Mild infections में नार्मल मेडिसिन से ठीक हो सकते है. 2. सेवियर इंफेक्शन के लिए ऑक्सिजन और वेंटिलेटर क...

--क्या आपकी दुकान में ईश्वर मिलेंगे?

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8 साल का एक बच्चा 1 रूपये का सिक्का मुट्ठी में लेकर एक दुकान पर जाकर पूछने लगा, --क्या आपकी दुकान में ईश्वर मिलेंगे? दुकानदार ने यह बात सुनकर सिक्का नीचे फेंक दिया और बच्चे को निकाल दिया। बच्चा पास की दुकान में जाकर 1 रूपये का सिक्का लेकर चुपचाप खड़ा रहा! -- ए लड़के.. 1 रूपये में तुम क्या चाहते हो? -- मुझे ईश्वर चाहिए। आपकी दुकान में है? दूसरे दुकानदार ने भी भगा दिया। लेकिन, उस अबोध बालक ने हार नहीं मानी। एक दुकान से दूसरी दुकान, दूसरी से तीसरी, ऐसा करते करते कुल चालीस दुकानों के चक्कर काटने के बाद एक बूढ़े दुकानदार के पास पहुंचा। उस बूढ़े दुकानदार ने पूछा, -- तुम ईश्वर को क्यों खरीदना चाहते हो? क्या करोगे ईश्वर लेकर? पहली बार एक दुकानदार के मुंह से यह प्रश्न सुनकर बच्चे के चेहरे पर आशा की किरणें लहराईं ৷ लगता है इसी दुकान पर ही ईश्वर मिलेंगे !   बच्चे ने बड़े उत्साह से उत्तर दिया, ----इस दुनिया में मां के अलावा मेरा और कोई नहीं है। मेरी मां दिनभर काम करके मेरे लिए खाना लाती है। मेरी मां अब अस्पताल में हैं। अगर मेरी मां मर गई तो मुझे कौन खिलाएगा ? डाक्टर ने कहा है ...

कोरोना को जाने

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See point no 4 for use of vegetables.                         POSTED BY  Dr S. K. Mehta 9872501640 Please DO SHARE WITH ALL YOUR CONTACTS *कोरोना को जाने*  *प्रश्न (1) :- क्या कोरोना वायरस को ख़त्म किया जा सकता है*  *उत्तर:-* नहीं! कोरोना वायरस एक निर्जीव कण है जिस पर *चर्बी की सुरक्षा-परत* चढ़ी हुई होती है। *यह कोई ज़िन्दा चीज़ नहीं है, इसलिये इसे मारा नहीं जा सकता* बल्कि यह ख़ुद ही रेज़ा-रेज़ा (कण-कण) होकर ख़त्म होता है। *प्रश्न( 02):-. कोरोना वायरस के विघटन (रेज़ा-रेज़ा होकर ख़त्म होने) में कितना समय लगता है?* *उत्तर:-* कोरोना वायरस के विघटन की मुद्दत का दारोमदार, *इसके आसपास कितनी गर्मी या नमी है? या जहाँ ये मौजूद है, उस जगह की परिस्थितियां क्या हैं?* इत्यादि बातों पर निर्भर करता है। *प्रश्न(03):-. इसे कण-कण में कैसे विघटित किया जा सकता है?* *उत्तर:-* कोरोना वायरस बहुत कमज़ोर होता है। *इसके ऊपर चढ़ी चर्बी की सुरक्षा-परत फाड़ देने से यह ख़त्म हो जाता है।* ऐसा करने के लिये साबुन या डिटर्जेंट के झाग सबसे ज़्याद...

श्री हनुमान चालीसा

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श्री हनुमान चालीसा दोहा : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।  बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।    चौपाई :   जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।   रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।   महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।।   कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा।।   हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। कांधे मूंज जनेऊ साजै।   संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बन्दन।।   विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।।   प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।   सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।।   भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज संवारे।।   लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।   रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।   सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।   सनकादि...

कोरोना 19 में मनोचिकित्सक की सलाह

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कोरोना सबको होगा ,ये ध्यान रहे।अमेरीका मे एक कैदी को जब फाँसी की सजा सुनाई ,तब वहाँ के कुछ वैज्ञानिकों ने विचार किया कि इस कैदी पर एक प्रयोग किया जाये, तब उस कैदी को बताया गया कि उसे फाँसी की बजाय विषधर कोब्रा से डसवा कर मारा जाएगा।फाँसी वाले दिन उसके सामने एक बड़ा विषधर साँप लाया गया तथा कैदी की आँखो पर पट्टी बाँध कर कुर्सी पर बाँध दिया गया।इसके बाद उसे साँप से ना डसवा कर सेफ्टी पिन चुभाई गई । आश्चर्य की बात यह हुई कि कैदी की २ सेकंड में ही मौत हो गई।* पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे कैदी के शरीर में  "व्हेनम सदु्श्यम"  विष मिला ,ये विष कहाँ से आया जिससे कैदी की मृत्यु हुई ? पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि ये विष कैदी के शरीर में मानसिक डर  की वजह से, उसके शरीर ने ही उत्पन्न किया था।अतः  तात्पर्य ये है कि  हमारी अपनी मानसिक  स्थिति के अनुसार Positive अथवा Negative एनर्जी उत्पन्न होती है  तद्दानुसार ही हमारे शरीर में HORMONES पैदा होते हैं 90% बीमारी का मूल कारण नकारात्मक विचार ऊर्जा का उत्पन्न होना है आज मनुष्य गलत विचारों का भस्मासुर बना कर खुद का व...

किसी एक को तो फर्क पड़ता है कहानी एक छोटे बच्चे की :-

एक बार समुद्री तूफ़ान के बाद हजारों लाखों मछलियाँ किनारे पर रेत पर तड़प तड़प कर मर रहीँ थीं ! इस भयानक स्थिति को देखकर पास में रहने वाले एक 6 वर्ष के बच्चे से रहा नहीं गया, और वह एक एक मछली उठा कर समुद्र में वापस फेकनें लगा ! यह देख कर उसकी माँ बोली, बेटा लाखों की संख्या में है , तू कितनों की जान बचाएगा ,यह सुनकर बच्चे ने अपनी स्पीड और बढ़ा दी, माँ फिर बोली बेटा रहनें दे कोई फ़र्क नहीं पड़ता ! *बच्चा जोर जोर से रोने लगा और एक मछली को समुद्र में फेकतें हुए जोर से बोला माँ "इसको तो फ़र्क पड़ता है"दूसरी मछली को उठाता और फिर बोलता माँ "इसको तो फ़र्क पड़ता हैं" ! माँ ने बच्चे को सीने से लगा लिया ! हो सके तो लोगों को हमेशा होंसला और उम्मीद देनें की कोशिश करो, न जानें कब आपकी वजह से किसी की जिन्दगी बदल जाए! क्योंकि आपको कोई फ़र्क नहीं पड़ता पर "उसको तो फ़र्क पड़ता है!