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केन्‍द्रीय विद्यालय संगठन (Kendriya vidyalay sangthan) The last date for Online Registration for Admission to Class I in Kendriya Vidyalayas for the Academic Year 2022-23 has been extended upto 11.04.2022 (Monday) 07:00 pm.1. सामान्य दिशा-निर्देश

    हेल्प डेस्क सेवा 28-02-2022, सुबह 10:00 बजे से उपलब्ध रहेगी।/ Help Desk will be available from 28-02-2022, 10:00 AM. यह पोर्टल विशेष रूप से शैक्षणिक सत्र 2022-2023 में भारत के केन्द्रीय विद्यालयों में कक्षा 1 में प्रवेश के लिए है। This portal is exclusively for applying for admission to Std 1 in Kendriya Vidyalayas all over India for the academic year 2022-2023. The last date for Online Registration for Admission to Class I in Kendriya Vidyalayas for the Academic Year 2022-23 has been extended upto 11.04.2022 (Monday) 07:00 pm. https://kvsonlineadmission.kvs.gov.in/index.html  केन्‍द्रीय वि द्यालय संगठन ,Kendriya vidyalay sangthan 1.  सामान्य दिशा-निर्देश दिए गए निर्देश शैक्षणिक सत्र 2022-2023 के लिए कक्षा -1 में प्रवेश हेतु ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन से संबंधित हैं। इन निर्देशों के शेष भाग में, "विद्यालय" का अर्थ केंद्रीय विद्यालय है। कृपया  यहाँ  पर उपलब्ध केविसं के प्रवेश नियमों, विनियमों और दिशानिर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर इनसे भलीभाँति परिचित हों जा...

दसो दिशाओं मे जाए

दसो दिशाओ मे जायें दल बादल से छा जाये उमड घुमड कर हर धरती पर नंदनवन सा लेहरयें ॥ध्रु॥ ये मत समझो किसी क्षेत्र को खाली रह जाने देंगे दानवता की बेल विशैली कही नही छाने देंगे जहाँ कही लूझुलसाती अम्रुत रिमझिम बरसाये ॥१॥ फूल सुकोमल खेती पर हम बिजली नही गिराते है किंतु अडीले बालु टीले वर्षा मे ढह जाते है ध्वंस हमारा काम नही अविरल जीवन सरसाये ॥२॥ मानव जीवन की स्वतंत्रता नष्ट नही होने पाये यंत्र व्यवस्था ह्रुदयहीन मे स्वत्व नही खोने पाये जीवनस्तर का अर्थ न हम भोग डगर मे भरमाये ॥३॥ देश देश के जीवन दर्शन अनुभव कहता पूर्ण नही आदिस्रिष्टि से हिन्दु धर्म की पूर्ण धर्म उपलब्धि रहि ग्यान किरण फिर प्रकटाये शांती व्यवस्था समझाये ॥४॥

एक छोटी बच्ची की सोच को नमस्कार

.    *आत्मा से तृप्त लोग---* बस स्टैंड पर बैठा मैं गृह नगर जाने वाली बस का इंतजार कर रहा था। अभी बस स्टैण्ड पर बस लगी नहीं थी। मैं बैठा हुआ एक किताब पढ़ रहा था।  मुझे देखकर लगभग 10  साल की एक बच्ची मेरे पास आकर बोली, "बाबू पैन ले लो,10 के चार दे दूंगी। बहुत भूख लगी है, कुछ खा लूंगी।" उसके साथ एक छोटा-सा लड़का भी था, शायद भाई हो उसका। मैंने कहा: मुझे पैन तो नहीं चाहिए। आगे उसका सवाल बहुत प्यारा सा था,  *फिर हम कुछ खाएंगे कैसे ?* मैंने कहा: मुझे पैन तो नहीं चाहिए पर तुम कुछ खाओगे जरूर। मेरे बैग में बिस्कुट के दो पैकेट थे, मैने बैग से निकाल एक-एक पैकेट दोनों को पकड़ा दिया, पर मेरी हैरानी की कोई हद ना रही जब उसने एक पैकेट वापिस करके कहा,*"बाबू जी! एक ही काफी है, हम बाँट लेंगे"।* *मैं हैरान हो गया जवाब सुनकर !* मैंने दुबारा कहा: "रख लो, दोनों। कोई बात नहीं।" *मेरी आत्मा को झिंझोड़ दिया  उस बच्ची के जवाब ने। उसने कहा:.............. "तो फिर आप क्या खाओगे"?* *इस संसार में करोड़ों अरबों कमाने वाले लोग जहां उन्नति के नाम पर इंसानियत को ताक पर रखकर लोगों को बे...

ठाकुर ट्रेवल्स

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Thakur Travels की नई पहल कृपया जरूरतमंदों तक  यह  जानकारी पहचानें में सहयोग करें🙏 संपर्क- 9329566693           7389259821           8305512602 कार्यालय -R-1 624- 1st फ्लोर स्वामी राधा कृष्णनवार्ड गायत्री मंदिर रोड नेहरू स्मारक मंडला

स्वयं सेवकों का यही एक सपना ।बनें कार्यकर्ता, बढे देश अपना ।।ध्रु।।

स्वयंसेवकों का यही एक सपना । बनें कार्यकर्ता, बढे देश अपना ।।ध्रु।। कोई श्याम वर्णी , कोई गौर वर्णी । कोई शांत भावी , कोई क्रोध-कर्णी ।। सभी मित्र बनकर । करें काम मिलकर ।। कोई हो नवागत,तो कोई पुराना।।१।। बनें कार्यकर्ता  ....... न पूर्वाग्रही  हो , न हो आत्मभावी । ह्रदय-मन खुला हो,विवेकी स्वभावी।।  विचारों में स्थिरता । वचन में मधुरता ।। परायों व अपनों की निंदा से बचना।।२।। बनें कार्यकर्ता    ...... उमंगी रहे हम , उमंगी हो साथी । गति भी रहे , आपसी मेल खाती ।। अकेले न हो  हम । यही ध्यान हरदम ।। कदम से कदम को,मिलाकर ही चलना।।३।। बनें कार्यकर्ता ....... हो चिंतन हमारा , सदा दूरगामी । मगर कार्यशैली,हो एक-एक कदमी  ।। सभी काम भारी । हो परिणामकारी ।। सफलता मिलेगी,यही भाव भरना।।४।।     बनें कार्यकर्ता  .... वाचन, मनन और अनुभव कथन से । रखें अद्यतन ज्ञान,बौद्धिक जतन से।। सदा स्वस्थ हो हम । रहे व्यस्त भी हम ।। समय-दान-क्षमता,बढ़ाते ही रहना।।५।।  बनें कार्यकर्ता  ....

हिजाब के सम्बन्ध में

*एक दर्द पैदा करती पोस्ट- हमें बदलना होगा पीढ़ियों के लिये तुरंत* 😔🤔 एक *मुस्लिम महिला की कलम से*...... (हिजाब के सम्बन्ध में) *भगवा धोती तिलक कौन रोक रहा है सर*? *आप ही लोग तो पीछा छुड़ाएं बैठे है इन चीजों से ! मुस्लिमों ने अपनी जड़ें न कल छोड़ी थीं न आज छोड़ने को राजी हैं*! *आप लोगों को तो खुद कुछ साल पहले तिलक, भगवा, शिखा, से शर्म आती थी, आप ही लोगों ने आधुनिकता के नाम पर सब कुछ त्याग दिया*! *आप नहीं त्यागते तो स्कूल में धोती कुर्ता पहनना नॉर्मल माना जाता!* *बीएचयू में डिग्री लेते वक्त बच्चों का भारतीय पारंपरिक पोशाक पहनना खबर बनता है, जबकि यह तो नॉर्मल होना चाहिए था न ?* *खबर तो यह होती न कि हिंदू छात्रों ने गाउन पहन कर डिग्री ली*! *आपने खुद अपनी संस्कृति, अपने रीति रिवाज अपनी जड़ों को पिछड़ेपन के नाम पर त्यागा है*! *आज इतने साल बाद आप लोगों की नींद खुली है तो आप लोगो को उनकी जड़ों की तरफ लौटने के लिए कहते फिरते हैं*! *अपनी नाकामी, अपनी लापरवाही का गुस्सा हमारी जड़ों को काट कर क्यों निकालना चाहते हैं आप?* *आप के बच्चे कॉन्वेंट से पढ़ने के बाद पोएम सुनाते थे तो आपका सर ऊंचा होता ...

बाबा तिलका मांझी के जयंती पर उन्हे शत् शत् नमन् एवं हुल जोहारतिलका माँझी उर्फ जबरा पहाड़िया (11 फ़रवरी 1750-13 जनवरी 1785)

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बाबा तिलका मांझी के जयंती पर उन्हे शत् शत् नमन् एवं हुल जोहार तिलका माँझी उर्फ जबरा पहाड़िया (11 फ़रवरी 1750-13 जनवरी 1785) भारत के आदिविद्रोही हैं। दुनिया का पहला आदिविद्रोही रोम के पुरखा आदिवासी लड़ाका स्पार्टाकस को माना जाता है। भारत के औपनिवेशिक युद्धों के इतिहास में जबकि पहला आदिविद्रोही होने का श्रेय पहाड़िया आदिम आदिवासी समुदाय के लड़ाकों को जाता हैं जिन्होंने राजमहल, झारखंड की पहाड़ियों पर ब्रितानी हुकूमत से लोहा लिया। इन पहाड़िया लड़ाकों में सबसे लोकप्रिय आदिविद्रोही जबरा या जौराह पहाड़िया उर्फ तिलका मांझी हैं।                               आदिवासी वीर तिलका माझी का परिचय जबरा पहाड़िया (तिलका मांझी) भारत में ब्रिटिश सत्ता को चुनौती देने वाले पहाड़िया समुदाय के वीर आदिवासी थे। सिंगारसी पहाड़, पाकुड़ के जबरा पहाड़िया उर्फ तिलका मांझी के बारे में कहा जाता है कि उनका जन्म 11 फ़रवरी 1750 ई. में हुआ था। 1771 से 1784 तक उन्होंने ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध लंबी और कभी न समर्पण करने वाली लड़ाई लड़ी और स्थानीय ...