🇮🇳🇮🇳25,000 से ज्यादा लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं पेशे से साईकल मेकैनिक मो.शरीफ..आज उन्हें #पदमश्री से सम्मानित किया गया है मोदी सरकार द्वारा.
मोदी सरकार मुस्लिम विरोधी नही बल्कि गद्दारो के खिलाप है..
PRADHAN MANTRI AWAAS YOJANA-GRAMIN प्रत्येक व्यक्ति देख सकता है गॉव मे स्वीकृत आवास की स्थिति ग्रामीण विकास मंत्रालय प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण MINISTRY OF RURAL DEVELOPMENT PRADHAN MANTRI AWAAS YOJANA-GRAMIN https://awaassoft.nic.in/netiay/Benificiary.aspx इस link / से किसी भी आवास हितग्राही का details / डिटेल्स निकाल सकते है इससे आपको उसके बारे मे पूरी जानकारी मिल जायेगी । stakeholders मे क्लिक करना है इसके पश्चात आपको नीचे IAY/PMAYG Beneficiary दिखाई देगा इसमे क्लिक करना है । इस प्रकार का पेज ओपन होने पर आप अपने आवास का आईडी submit / डालकर पूरी जानकारी ले सकते है । उदाहरण के लिये जेसे ये आईडी दर्ज की गई है ओर submit/ सबमिट को ok/ओके करे । इस प्रकार का आपको दिखाई देखा आप मोबाईल / लेपटॉप / Computer किसी से भी यह जानकारी निकाल सकते है ।
व्यास नारायण मंदिर किला घाट से होगी यात्रा की शुरुआत परिक्रमा यात्रा का प्रारंभ व्यास नारायण मंदिर, किला घाट से होगा। यहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद यात्रा शुरू करेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न घाटों और धार्मिक स्थलों पर दर्शन व विश्राम की व्यवस्था भी की गई है। पहले दिन कई प्रमुख घाटों और गांवों से गुजरेगी परिक्रमा परिक्रमा के पहले दिन श्रद्धालु किला घाट से नाव के माध्यम से तट परिवर्तन कर यात्रा आगे बढ़ाएंगे। यात्रा मार्ग में कृष्ण मंदिर (सरस्वती गुप्त संगम), बंजर नदी, संगम घाट महाराजपुर सहित कई धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके बाद नावा घाट स्थित मंगलेश्वर मंदिर, गुरुद्वारा दादा धनीराम आश्रम, कार्तिकेन, मानादेही, सुरंगदेवरी और सिलगुरा जैसे स्थानों से होकर परिक्रमा आगे बढ़ेगी। दोपहर के भोजन की व्यवस्था सिलगुरा में रहेगी, जबकि रात्रि विश्राम और भोजन की व्यवस्था सनकुही और भैंसादाह घाट में की जाएगी। दूसरे दिन नाव से तट परिवर्तन के बाद यात्रा का समापन दूसरे दिन यात्रा घाटी घाट से नाव के माध्यम से तट परिवर्तन कर बंबेहा घाट पहुंचेगी। इसके बाद हाई स्कूल ग्वारी, फूलसागर, तिंदनी और कटरा होते हुए श...
माँ का सम्मान एक मध्यम वर्गीय परिवार के एक लड़के ने 10वीं की परीक्षा में 90% अंक प्राप्त किए ।पिता ने मार्कशीट देखकर खुशी-खुशी अपनी बीवी को कहा कि बना लीजिए मीठा दलिया, स्कूल की परीक्षा में आपके लाड़ले को 90% अंक मिले हैं ..! माँ किचन से दौड़ती हुई आई और बोली, "..मुझे भी बताइये, देखती हूँ...! इसी बीच लड़का फटाक से बोला... "बाबा उसे रिजल्ट कहाँ दिखा रहे हैं ?... क्या वह पढ़-लिख सकती है ? वह अनपढ़ है ...!" अश्रुपुर्ण आँखों को पल्लु से पोंछती हुई माँ दलिया बनाने चली गई । ये बात पिता ने तुरंत सुनी ...! फिर उन्होंने लड़के के कहे हुए वाक्यों में जोड़ा, और कहा... "हां रे ! वो भी सच है...! जब तू गर्भ में था, तो उसे दूध बिल्कुल पसंद नहीं था, उसने तुझे स्वस्थ बनाने के लिए हर दिन नौ महीने तक दूध पिया ... क्योंकि वो अनपढ़ थी ना ...! तुझे सुबह सात बजे स्कूल जाना होता था, इसलिए वह सुबह पांच बजे उठकर तुम्हारा मनपसंद नाश्ता और डिब्बा बनाती थी..... क्योंकि वो अनपढ़ थी ना ...! जब तुम रात को पढ़ते-पढ़ते सो जाते थे, तो वह आकर तुम्हारी कॉपी व किताब बस्ते में भरकर, फिर तुम्हारे शरीर पर ...
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