सकारात्मक सोच
एक महिला ने गौतम बुद्घ से कहा - मैं आपसे
शादी करना चाहती हूँ"।
गौतम बुद्ध ने पूछा- "क्यों देवी ?
महिला ने जवाब दिया -"क्योंकि मुझे आपके जैसा ही एक पुत्र चाहिए, जो पूरी दुनिया में मेरा नाम रौशन करे और वो केवल आपसे शादी
करके ही मिल सकता है मुझे"।
गौतम बुद्ध कहते हैं - "इसका और एक उपाय है"
महिला पूछती है -"क्या"?
गौतम बुद्ध ने मुस्कुराते हुए कहा -"आप मुझे ही अपना
पुत्र मान लीजिये और आप मेरी माँ बन जाइए ऐसे में
आपको मेरे जैसा पुञ मील जायेगा.
महिला हतप्रभ होकर गौतम बुद्ध को ताकने लगी
और रोने लग गयी,
ये होती है महान लोगो की विचार धारा ।
"पूरे समुंद्र का पानी भी एक जहाज को नहीं डुबा
सकता, जब तक पानी को जहाज अन्दर न आने दे।
इसी तरह दुनिया का कोई भी नकारात्मक विचार
आपको नीचे नहीं गिरा सकता, जब तक आप उसे अपने
अंदर आने की अनुमति न दें।"
"अंदाज़ कुछ अलग हैं मेरे सोचने का,,
सब को मंजिल का शौक है और मुझे रास्तों का...
ये दुनिया इसलिए बुरी नही के यहाँ बुरे लोग ज्यादा
है।
बल्कि इसलिए बुरी है कि यहाँ अच्छे
लोग खामोश है..!
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