उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती,ये देश है पुकारता, पुकारती माँ भारती ।

उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती,
ये देश है पुकारता, पुकारती माँ भारती ।

उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती,
ये देश है पुकारता, पुकारती माँ भारती ।


रगों में तेरे बह रहा है खून राम-श्याम का,
जगदगुरु गोविन्द और राजपूती शान का ।
तू चल पड़ा तो चल पड़ेगी साथ तेरे भारती,
ये देश है पुकारता,पुकारती माँ भारती ॥

है शत्रु दनदना रहा चहुँ दिशा में देश की,
पता बता रही हमे किरण किरण दिनेश की ।
वो चक्रवर्ती विश्वजयी मातृभूमी हारती,
ये देश है पुकारता,पुकारती माँ भारती ॥

उठा कदम,बढ़ा कदम,कदम-कदम बढ़ाये जा,
कदम-कदम पे दुश्मनों के धड़ से सर उड़ाए जा ।
उठेगा विश्व हाँथ जोड़ करने तेरी आरती ,
ये देश है पुकारता,पुकारती माँ भारती ॥

उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती,


वृन्दावन धाम अपार, जपे जा राधे राधे,

राधे सब वेदन को सार, जपे जा राधे राधे। बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
 बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
 गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी
तुम बिन रह्यो न जाय, गोवर्धन वासी
 सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
 तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
 तेरा पल पल बिता जाए रे
मुख से जप ले नमः शवाए
 ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
 राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
 जिंदगी एक किराये का घर है,
एक न एक दिन बदलना पड़ेगा॥
 हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
 तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
 ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
 जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
 कारे से लाल बनाए गयी रे,
गोरी बरसाने वारी
 मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
 सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
 दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
 वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
 मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
 अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
 प्रभु मेरे अवगुण चित ना धरो
समदर्शी प्रभु नाम तिहारो, चाहो तो पार
 श्याम बंसी ना बुल्लां उत्ते रख
तेरी बंसी पवाडे पाए लख अड़ेया ।
 सज धज कर जिस दिन मौत की शहजादी आएगी,
ना सोना काम आएगा, ना चांदी आएगी।
 राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
 कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
 दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे दवार,
यहाँ से जो मैं हारा तो कहा जाऊंगा मैं
 राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
 मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
 कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे

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