आम के बगीचे में फरवरी में क्या लगाएँ (सबसे लाभदायक)
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🌳 आम के बगीचे में फरवरी में क्या लगाएँ (सबसे लाभदायक)
🥇 1. मूंग (ग्रीष्मकालीन) – सबसे सुरक्षित
✅ समय: फरवरी अंत – मार्च
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अवधि: 60–65 दिन
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फायदा:
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आम के पेड़ों को नुकसान नहीं
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मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है (नाइट्रोजन फिक्सिंग)
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40 डिसिमिल में अनुमानित उपज: 2.5–3 क्विंटल
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संभावित शुद्ध लाभ: ₹10,000–15,000
🥈 2. लोबिया (सब्ज़ी या दाल दोनों)
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गर्मी में अच्छी पैदावार
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छाया में भी चल जाती है
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45–50 दिन में तुड़ाई (सब्ज़ी रूप में)
💰 लाभ: ₹12,000–18,000
🥉 3. भिंडी (यदि धूप ठीक मिले)
⚠️ शर्त: पेड़ों की छाया ज़्यादा न हो
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लगातार तुड़ाई → रोज़ की आमदनी
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मण्डला की लोकल मंडी में मांग अच्छी रहती है
💰 लाभ: ₹15,000–25,000
🌿 4. चारा फसल (अगर पशु हैं)
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लोबिया चारा / ज्वार चारा
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कम खर्च, निश्चित उपयोग
❌ क्या न लगाएँ (आम के लिए नुकसानदायक)
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गन्ना
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आलू
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प्याज
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अधिक पानी वाली फसलें
🌱 आम के बगीचे के लिए फरवरी के विशेष सुझाव
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इस समय आम में बौर (मंजर) रहता है
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फसल बोते समय जुताई हल्की रखें
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पानी आम को ध्यान में रखकर दें
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रासायनिक दवा का छिड़काव बहुत सावधानी से करें
✅ मेरी सबसे अच्छी सलाह
👉 मूंग + लोबिया (मिक्स नहीं, अलग कतारों में)
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जोखिम कम
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आम को फायदा
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मिट्टी सुधरती है
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निश्चित लाभ
अगर आप चाहें तो मैं आपको:
✔️ बीज मात्रा,
✔️ खाद–दवा प्लान,
✔️ पूरा खर्च–मुनाफ़ा हिसाब,
✔️ आम के लिए फरवरी–मार्च का स्प्रे शेड्यूल
भी बना कर दे सकता हूँ।
बस बताइए — सिंचाई (कुआँ/बोर/नहर) और पेड़ों की उम्र कितनी है। 🌳🌾
आपका जिला मण्डला है और आम का बगीचा (40 डिसिमिल) — इस स्थिति में मक्का, हल्दी और सूरन तीनों के बारे में स्पष्ट, व्यवहारिक उत्तर नीचे दे रहा हूँ:
🌽 मक्का (Maize)
❌ आम के बगीचे में फरवरी में अनुशंसित नहीं
क्यों?
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मक्का अधिक पोषक तत्व लेती है
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आम की जड़ों से सीधी प्रतिस्पर्धा
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छाया में उत्पादन कम
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आम के बौर/फल सेट पर असर पड़ सकता है
👉 निष्कर्ष: आम के बगीचे में फरवरी में मक्का न लगाएँ।
🌿 हल्दी (Turmeric)
⚠️ लगाई जा सकती है – लेकिन सावधानी के साथ
शर्तें:
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आम के पेड़ 6–7 साल से अधिक पुराने हों
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बगीचे में 50% से कम छाया हो
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पानी देने की अच्छी व्यवस्था हो
कैसे लगाएँ?
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आम की मेड़/कतारों के बीच
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तने से कम से कम 4–5 फीट दूरी
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हल्की जुताई
💰 लाभ मध्यम | ⏳ 10–11 माह की फसल
👉 निष्कर्ष: हल्दी संभव है, पर जोखिम और पूंजी ज़्यादा।
🌱 सूरन (Elephant Foot Yam)
❌ आम के बगीचे में उपयुक्त नहीं
क्यों?
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गहरी खुदाई चाहिए
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जड़ों को नुकसान
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बहुत पानी और भारी खाद
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आम के पेड़ों पर नकारात्मक प्रभाव
👉 निष्कर्ष: आम के बगीचे में सूरन न लगाएँ।
📌 सारांश (सीधा निर्णय)
| फसल | लगाएँ या नहीं | कारण |
|---|---|---|
| मक्का | ❌ नहीं | पोषण प्रतिस्पर्धा |
| हल्दी | ⚠️ हाँ (शर्तों पर) | लंबी अवधि |
| सूरन | ❌ नहीं | जड़ नुकसान |
✅ सबसे सुरक्षित और लाभदायक विकल्प (आपके लिए)
👉 मूंग, लोबिया, भिंडी, ककड़ी वर्ग की सब्ज़ियाँ
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कम जड़ गहराई
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आम के लिए सुरक्षित
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तेज़ नकद लाभ
अगर आप चाहें तो मैं हल्दी लगाने की पूरी विधि (बीज मात्रा, दूरी, खाद, खर्च–लाभ) या मूंग/सब्ज़ी का पूरा प्लान आपके आम के बगीचे के हिसाब से बना दूँ।
बस बताइए — पेड़ों की उम्र कितनी है और सिंचाई कैसी है।
नीचे मण्डला (म.प्र.) के मौसम और आम के बगीचे (40 डिसिमिल ≈ 0.4 एकड़) को ध्यान में रखकर बरबटी + भिंडी + ककड़ी का पूरा, व्यावहारिक प्लान दिया जा रहा है—ताकि आम को नुकसान न हो और नियमित नकद आमदनी बने।
🌱 कुल लेआउट (इंटरक्रॉप प्लान)
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आम के तने से दूरी: 4–5 फीट (बहुत ज़रूरी)
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जुताई: हल्की (5–6 सेमी)
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बंटवारा (0.4 एकड़):
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बरबटी: 0.15 एकड़
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भिंडी: 0.15 एकड़
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ककड़ी: 0.10 एकड़
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1️⃣ बरबटी (लोबिया – सब्ज़ी)
समय: फरवरी अंत – मार्च
किस्म: पूसा फाल्गुनी / अर्का गरिमा
बीज मात्रा: 5–6 किग्रा / एकड़ → 2–2.5 किग्रा (0.4 एकड़)
दूरी: 45 × 30 सेमी
पहली तुड़ाई: 40–45 दिन
अवधि: 60–70 दिन
खाद (0.4 एकड़ के हिस्से के अनुपात में):
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गोबर खाद: 8–10 क्विंटल
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DAP: 15–18 किग्रा
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पोटाश: 8–10 किग्रा
सिंचाई: 7–8 दिन में
संभावित उत्पादन: 18–22 क्विंटल/एकड़ (अनुपात अनुसार)
लाभ (0.15 एकड़): ₹12,000–18,000
2️⃣ भिंडी
समय: फरवरी अंत
किस्म: अर्का अनामिका / पूसा सावनी
बीज मात्रा: 8–10 किग्रा/एकड़ → 3–4 किग्रा (0.4 एकड़)
दूरी: 45 × 30 सेमी
पहली तुड़ाई: 45–50 दिन
अवधि: 90–100 दिन (लगातार तुड़ाई)
खाद:
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गोबर खाद: 10–12 क्विंटल
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DAP: 20–25 किग्रा
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पोटाश: 10–12 किग्रा
सिंचाई: 6–7 दिन में
संभावित उत्पादन: 30–35 क्विंटल/एकड़
लाभ (0.15 एकड़): ₹15,000–25,000
3️⃣ ककड़ी
समय: फरवरी मध्य–अंत
किस्म: पूसा उदय / लोकल हाईब्रिड
बीज मात्रा: 2–2.5 किग्रा/एकड़ → 1 किग्रा (0.4 एकड़)
दूरी: 1.5 × 0.6 मीटर (बेल फैलने दें)
पहली तुड़ाई: 35–40 दिन
अवधि: 60–70 दिन
खाद:
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गोबर खाद: 8–10 क्विंटल
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DAP: 15–18 किग्रा
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पोटाश: 8–10 किग्रा
सिंचाई: 5–6 दिन में
संभावित उत्पादन: 60–80 क्विंटल/एकड़
लाभ (0.10 एकड़): ₹10,000–20,000
🐛 रोग–कीट प्रबंधन (सुरक्षित)
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बीज उपचार: ट्राइकोडर्मा 5 ग्राम/किग्रा बीज
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चूसक कीट: नीम तेल 3–5 ml/लीटर (10–12 दिन में)
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फल मक्खी (ककड़ी): फेरोमोन ट्रैप 4–5/एकड़
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स्प्रे सावधानी: आम के बौर/फल के समय तेज़ रसायन न डालें
💧 सिंचाई टिप्स
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ड्रिप हो तो सबसे अच्छा
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न हो तो नालियाँ बनाकर पानी दें
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पानी आम को ध्यान में रखकर दें (ज्यादा पानी नहीं)
💰 कुल अनुमानित परिणाम (40 डिसिमिल)
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कुल लागत: ₹12,000–15,000
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कुल संभावित लाभ: ₹35,000–60,000
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नकद प्रवाह: 40–45 दिन से शुरू
✅ अंतिम सलाह
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अलग–अलग कतारें रखें (मिक्स न करें)
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आम के तने के पास खुदाई न करें
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मंडी भाव देखकर तुड़ाई की आवृत्ति तय करें
फरवरी माह में रबी की फसल के अंतिम चरण और ज़ायद (गर्मी) सीजन की शुरुआत होती है। इस समय सही फसल चुनने से आगे अच्छा लाभ मिल सकता है। नीचे मध्यप्रदेश/उत्तर भारत की जलवायु को ध्यान में रखकर व्यावहारिक सुझाव दे रहा हूँ:
🌱 फरवरी माह में लाभदायक फसलें
🔹 1. सब्ज़ियाँ (तेज़ और अधिक मुनाफ़ा)
यदि सिंचाई की सुविधा है तो सब्ज़ियाँ सबसे अधिक लाभ देती हैं:
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भिंडी – 45–50 दिन में तुड़ाई, लगातार आमदनी
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खीरा / ककड़ी – गर्मी में भारी मांग
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तरबूज / खरबूजा – अप्रैल–मई में ऊँचे दाम
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टमाटर (गर्मी किस्म) – सही देखभाल में अच्छा लाभ
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लौकी / तोरई – कम लागत, नियमित तुड़ाई
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