संदेश

पुलिस द्वारा महिलाओं की मदद 25*7

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पुलिस ने एक मुफ्त यात्रा योजना शुरू की है, जहां कोई भी महिला जो अकेली है और उसे रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच घर जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहा हो , वह पुलिस हेल्पलाइन नंबर (1091 और 7837018555) पर संपर्क कर सकती है और वाहन का अनुरोध कर सकती है।  वे 24x7 घंटे काम करेंगे.  कंट्रोल रूम का वाहन या नजदीकी पीसीआर वाहन/एसएचओ वाहन उसे सुरक्षित उसके गंतव्य तक पहुंचाएगा.  यह नि:शुल्क किया जाएगा।  इस संदेश को अपने जानने वाले सभी लोगों तक पहुंचाएं।   अपनी पत्नी, बेटियों, बहनों, माताओं, दोस्तों और उन सभी महिलाओं को नंबर भेजें जिन्हें आप जानते हैं .. उन्हें इसे सहेजने के लिए कहें .. सभी पुरुष कृपया उन सभी महिलाओं के साथ साझा करें जिन्हें आप जानते हैं…।   आपातकालीन स्थिति में महिलाएं *खाली संदेश या मिस्ड कॉल* कर सकती हैं .. ताकि पुलिस आपका स्थान ढूंढ सके और आपकी मदद कर सके    *पूरे भारत में लागू*

Bhuvan-MGNREGA Ministry of Rural Development

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Bhuvan-MGNREGA Ministry of Rural Development https://bhuvan-app2.nrsc.gov.in/mgnrega/mgnrega_phase2.php https://mnregaweb4.nic.in/netnrega/homesearch.htm

प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक नम्बरो की सूची। सभी नम्बर

प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक  नम्बरो की सूची। सभी नम्बर टोल  फ्री  _________________________ C M शिकायत पोर्टल         181 विद्युत सेवा                     1912 पशु सेवा                        1962 पुलिस सेवा               112,100 अग्नि  सेवा                       101 एमबुलैस  सेवा                  102 यातायात  पुलिस               103 आपदा  प्रबंधन                  108 चाइल्ड लाइन                 1098 रेलवे  पूछताछ                   139 भ्रष्टाचार  विरोधी        ...

रानी दुर्गावती

रानी दुर्गावती  (5 अक्टूबर 1524 - 24 जून 1564) 1550-1564 ई. में  गोंडवाना  की महारानी थीं।  उन्होंने  गोंडवाना  के राजा  संग्राम शाह  के बेटे राजा  दलपत शाह से  शादी की । उन्होंने 1550 से 1564 तक अपने बेटे वीर नारायण के अल्पवयस्क होने के दौरान गोंडवाना की संरक्षिका के रूप में कार्य किया। उन्हें मुख्य रूप से  मुगल साम्राज्य  के खिलाफ  गोंडवाना की रक्षा करने  के लिए याद किया जाता है । दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कालिंजर  के किले में हुआ था  । उनका जन्म  चंदेल  राजपूत  राजा शालबहम  के परिवार में हुआ था , जिन्होंने  महोबा  साम्राज्य पर शासन किया था।  1542 में, उन्होंने  गढ़ा साम्राज्य  के  राजा  संग्राम शाह के सबसे बड़े बेटे  दलपत शाह से  शादी की ।  इस विवाह के माध्यम से  महोबा के चंदेल  और  गढ़  -  मंडला  राजवंश के राजगोंड सहयोगी बन गए। रानी रीजेंट संपादन करना राजा दलपत शाह की  मृत्यु 1550 ई. में हो ...

माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा 28 मार्च से 29 मार्च 2026

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व्यास नारायण मंदिर किला घाट से होगी यात्रा की शुरुआत परिक्रमा यात्रा का प्रारंभ व्यास नारायण मंदिर, किला घाट से होगा। यहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद यात्रा शुरू करेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न घाटों और धार्मिक स्थलों पर दर्शन व विश्राम की व्यवस्था भी की गई है। पहले दिन कई प्रमुख घाटों और गांवों से गुजरेगी परिक्रमा परिक्रमा के पहले दिन श्रद्धालु किला घाट से नाव के माध्यम से तट परिवर्तन कर यात्रा आगे बढ़ाएंगे। यात्रा मार्ग में कृष्ण मंदिर (सरस्वती गुप्त संगम), बंजर नदी, संगम घाट महाराजपुर सहित कई धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके बाद नावा घाट स्थित मंगलेश्वर मंदिर, गुरुद्वारा दादा धनीराम आश्रम, कार्तिकेन, मानादेही, सुरंगदेवरी और सिलगुरा जैसे स्थानों से होकर परिक्रमा आगे बढ़ेगी। दोपहर के भोजन की व्यवस्था सिलगुरा में रहेगी, जबकि रात्रि विश्राम और भोजन की व्यवस्था सनकुही और भैंसादाह घाट में की जाएगी। दूसरे दिन नाव से तट परिवर्तन के बाद यात्रा का समापन दूसरे दिन यात्रा घाटी घाट से नाव के माध्यम से तट परिवर्तन कर बंबेहा घाट पहुंचेगी। इसके बाद हाई स्कूल ग्वारी, फूलसागर, तिंदनी और कटरा होते हुए श...

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https://transport.mp.gov.in/e-governance/forms

बरगद

बरगद एक लगाइये, पीपल रोपें पाँच। घर घर नीम लगाइये,यही पुरातन साँच।। यही पुरातन साँच,- आज सब मान रहे हैं। भाग जाय प्रदूषण सभी अब जान रहे हैं । विश्वताप मिट जाये होय हर जन मन गदगद। धरती पर त्रिदेव हैं- नीम पीपल और बरगद।। आप को लगेगा अजीब बकवास है , किन्तु यह सत्य है.. . पिछले 68 सालों में पीपल, बरगद और नीम के पेडों को सरकारी स्तर पर लगाना बन्द किया गया है पीपल कार्बन डाई ऑक्साइड का 100% एबजॉर्बर है, बरगद 80% और नीम 75 % इसके बदले लोगो ने विदेशी यूकेलिप्टस को लगाना शुरू कर दिया , जो जमीन को जल विहीन कर देता है आज हर जगह यूकेलिप्टस, गुलमोहर और अन्य सजावटी पेड़ो ने ले ली है अब जब वायुमण्डल में रिफ्रेशर ही नही रहेगा तो गर्मी तो बढ़ेगी ही और जब गर्मी बढ़ेगी तो जल भाप बनकर उड़ेगा ही हर 500 मीटर की दूरी पर एक पीपल का पेड़ लगायें तो आने वाले कुछ साल भर बाद प्रदूषण मुक्त हिन्दुस्तान होगा वैसे आपको एक और जानकारी दे दी जाए पीपल के पत्ते का फलक अधिक और डंठल पतला होता है  जिसकी वजह शांत मौसम में भी पत्ते हिलते रहते हैं और स्वच्छ ऑक्सीजन देते रहते हैं। वैसे भी पीपल को वृक्षों का राजा कहते है।  इसक...